
मुँहासे त्वचा की एक बहुत ही आम समस्या है, जो तब होती है, जब आपके बालों के रोम तेल और त्वचा की मृत कोशिकाओं से अवरुद्ध हो जाते हैं। ये अधिकांशत: चेहरे, माथे, सीने, कंधों और पीठ के ऊपरी भाग में होते हैं।! इससे आम तौर पर तरुण (टीनएजर) प्रभावित होते हैं, लेकिन ये समस्या किसी भी आयु में हो सकती है।

इसे एलोपेसिया या गंजापन भी कहा जाता है, जो सिर या शरीर के हिस्से से बालों के गिरने को संदर्भित करता है।

एक फंगल इंफेक्शन, जिसे मायकोसिस/टेनिया भी कहते हैं, एक त्वचा रोग है, जो एक प्रकार के फंगस के कारण होता है। इस फंगस को डर्मेटोफायटिस भी कहा जाता है।
फंगी की ऐसी लाखों प्रजातियाँ होती हैं, जो धूल में, पौधों पर, घर की सतहों पर या आपकी त्वचा पर विद्यमान होते हैं।
त्वचा पर होने वाला फंगल इंफेक्शन, जिसके कारण जलन, लालपन, उभार (ददोड़े), आदि होते हैं, कुछ दिनों से लेकर कई सप्ताह तक चल बना रह सकता है।

त्वचा पर काले धब्बे या हाईपरपिगमेंटेशन तब होता है, जब आपकी त्वचा मे मेलेनिन का स्राव अत्यधिक मात्रा में होता है। इससे आपकी त्वचा पर धब्बे या पैच बन जाते हैं, जिनका रंग आसपास की जगह से अधिक गहरा होता है इनसे कोई नुकसान तो नहीं है, पर ये व्यक्ति के रूप-रंग को फीका बनाते हैं

त्वचा में रूखापन एक असहज करने वाली अवस्था है, जिसमें त्वचा की पपड़ियाँ निकलने, खुजली होने और उसमें दरारें पड़ने जैसी समस्याएँ होती हैं। इसके होने के अनेक कारण हो सकते हैं। इस अवस्था में आपकी त्वचा की परत रूखी हो जाती है, क्योंकि इसमें पर्याप्त नमी नहीं रहती है।